ॐसनातन धर्म जो साधारणतया हिंदु धर्म के नाम से विश्व विख्यात है, संसार का सबसे पुराना धर्म है। वह विकास शील विज्ञान, गणित, कला, दर्शन शास्त्र आदि शास्त्रों से सुसज्जित है जो आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से कोसों आगे की विद्वता रखते हैं। इसकी अनगिनत शास्त्रों की संख्या किसी भी दूसरी संस्कृति की तुलना में अद्वितीय ज्ञान का संचार करती है। सनातन धर्म की मूल भाषा संस्कृत, संसार की सबसे पुरानी भाषा के रूप में जानी जाती है। इसके शास्त्रों की गुणवत्ता ने सारे संसार को प्रकाशित किया है। वर्तमान स्थिति में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो किसी माध्यम से सनातन धर्म से अछूता रहा हो।

परंतु सनातन धर्म की विशेषता तो इसके ज्ञान सागर में ही नहीं बल्कि इसकी संस्कृति और इसके संस्कारों में भी है। सनातन धर्म से जुड़े अनगिनत त्योहार, जो इसके अनुयायी सप्रसंग मनाते आए हैं, इस धर्म की विविधता का प्रमाण प्रकट करते हैं। उल्लास और चहल-पहल से भरे त्योहार हमारे दिल-ओ-दिमाग पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ जाते हैं। संस्कार जो गुरु, माता-पिता, अतिथि इत्यादि को देवों की गणना में रखता है, हमारी प्रेरणा का अधिष्ठान है। इसकी कथाएँ रोमांच से परिपूर्ण हैं और सुनने वाले को अलौकिक दर्शन का अनुभास कराती हैं। कथाओं के श्रवण मात्र ही से किसी भी व्यक्ति के पापों का नाश होता है और हृदय में धर्म का संचार होता है। दान, शांति, अध्यात्म और ध्यान से जुड़ी रीतियाँ विश्व की दूसरी प्रथाओं को लज्जित कर देतीं हैं। समस्त भू मण्डल से तीर्थ यात्री भारत का दर्शन, सनातन धर्म के अद्वितीय चमत्कारों से सम्मुख मात्र होने के हेतु आते हैं। इसमें तो दो राय नहीं हो सकती कि यह विश्व का सबसे पुरातन धर्म और साथ ही सबसे आधुनिक प्रेरक भी है।

“जहाँ तक मैंने देखा है, ऐसा कुछ नहीं है जो या तो मनुष्य या प्रकृति के द्वारा न किया गया हो, और जो भारत को उन राष्ट्रों में सबसे महान बनाता है जिनकी परिक्रमा सूर्य करते हैं। कुछ भी भूला नहीं गया और कुछ भी अनदेखा नहीं किया गया।“ - मार्क ट्वेन

“धर्मों की भूमि, भाषाओं का जन्म स्थान, पौराणिक कथाओं की दादी-नानी, रीतिओं के पूर्वज। जिस जमीन को हर मनुष्य देखने के लिये ललसाता है और जिसकी एक झलक मिलने पर वह मनुष्य उस झलक को दुनिया के दूसरे सारे दृश्यों के लिये भी नहीं छोड़ सकता है।“ - मार्क ट्वेन

ॐ भूर् भुवः सुवः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो॑ देवस्यधीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

आप यहाँ सनातन धर्म के मूल इतिहास का पाठ कर सकते हैं और इस अद्भुत्‌ धर्म का एक हिस्सा बन सकते हैं। मैंने सारी सामग्री मूल धार्मिक ग्रंथों जैसे कि पुराण, महाभारत, रामायण आदि से यथा रूप ली है। अतः आपको प्रामाणिकता के विषय में चिंतित होने कि आवश्यकता नहीं होगी।